तत्कालीन सीएमएचओ डॉ. आई. नागेश्वर राव के प्रयासों को मिली बड़ी सफलता, छत्तीसगढ़ में 100 से अधिक संस्थाओं के राष्ट्रीय प्रमाणीकरण वाला पहला जिला बना महासमुंद
महासमुंद। राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन मानक एनक्यूएएस कार्यक्रम के तहत महासमुंद जिले ने स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। जिले की 101 स्वास्थ्य संस्थाओं को राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन मानक का प्रमाणीकरण प्राप्त हो चुका है। इसके साथ ही महासमुंद छत्तीसगढ़ का पहला ऐसा जिला बन गया है, जहां 100 से अधिक स्वास्थ्य संस्थाओं का राष्ट्रीय स्तर पर प्रमाणीकरण हुआ है।


इस उपलब्धि के पीछे तत्कालीन मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. आई. नागेश्वर राव के नेतृत्व और प्रयासों की महत्वपूर्ण भूमिका रही। उनके कार्यकाल के दौरान जिले की स्वास्थ्य संस्थाओं में गुणवत्ता सुधार, निर्धारित मानकों के अनुरूप व्यवस्थाओं को मजबूत करने और प्रमाणीकरण की प्रक्रिया को गति देने पर विशेष जोर दिया गया। प्रबंधक नीलू घृतलहरे, संदीप चंद्राकर सहित स्वास्थ्य विभाग की पूरी टीम ने भी इस अभियान को धरातल पर उतारने में महत्वपूर्ण योगदान दिया।
जिले में अब तक राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन मानक के तहत 1 जिला अस्पताल, 1 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, 9 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र और 10 उप स्वास्थ्य केंद्र समेत कुल 101 स्वास्थ्य संस्थाओं का राष्ट्रीय प्रमाणीकरण हो चुका है।
सरकारी अस्पतालों में गुणवत्ता सुधार का मजबूत उदाहरण
राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन मानक भारत सरकार द्वारा सार्वजनिक स्वास्थ्य सुविधाओं में स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता सुनिश्चित करने और उसमें निरंतर सुधार के लिए लागू किया गया व्यापक गुणवत्ता ढांचा है। इसके माध्यम से अस्पतालों में सेवा प्रावधान, रोगी अधिकार, आवश्यक संसाधन, सहायक सेवाएं, क्लिनिकल सेवाएं, संक्रमण नियंत्रण, गुणवत्ता प्रबंधन प्रणाली और परिणाम जैसे आठ प्रमुख क्षेत्रों का विस्तृत मूल्यांकन किया जाता है।
प्रमाणीकरण की प्रक्रिया में स्वास्थ्य संस्था सबसे पहले निर्धारित मानकों के आधार पर अपना स्व मूल्यांकन करती है और कमियों को दूर करती है। इसके बाद जिला स्तर पर मूल्यांकन होता है। निर्धारित मानकों में 70 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त करने वाली संस्थाओं को राज्य स्तरीय मूल्यांकन के लिए भेजा जाता है। राज्य स्तर के बाद राष्ट्रीय स्तर पर मूल्यांकन की प्रक्रिया पूरी की जाती है और निर्धारित मानकों पर खरा उतरने वाली संस्थाओं को राष्ट्रीय प्रमाणीकरण प्रदान किया जाता है।
बागबाहरा में बदली स्वास्थ्य सेवाओं की तस्वीर
एनक्यूएएस प्रमाणीकरण के बाद सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बागबाहरा में स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार और आम जनता के विश्वास में उल्लेखनीय बदलाव देखने को मिला। केंद्र को प्रथम संदर्भ इकाई का दर्जा मिलने के बाद स्त्री रोग विशेषज्ञ के माध्यम से नियमित सिजेरियन प्रसव की सुविधा उपलब्ध होने लगी। गर्भवती महिलाओं के लिए नियमित सोनोग्राफी की सुविधा भी शुरू हुई।
स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार का असर अस्पताल में आने वाले मरीजों की संख्या पर भी पड़ा। औसत बाह्य रोगी संख्या में वृद्धि के साथ ही मासिक प्रसव की संख्या बढ़कर करीब 80 से 100 तक पहुंची। इसके अलावा नसबंदी सेवाओं का भी विस्तार हुआ।
टीम की प्रतिबद्धता का परिणाम
कलेक्टर विनय कुमार लंगेह ने इस उपलब्धि पर स्वास्थ्य विभाग की पूरी टीम को बधाई देते हुए कहा कि एनक्यूएएस प्रमाणीकरण जिले की स्वास्थ्य सेवाओं में निरंतर सुधार और स्वास्थ्य विभाग की टीम की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
महासमुंद की यह उपलब्धि सरकारी स्वास्थ्य संस्थाओं में गुणवत्ता सुधार की दिशा में एक महत्वपूर्ण उदाहरण के रूप में सामने आई है। तत्कालीन सीएमएचओ डॉ. आई. नागेश्वर राव के कार्यकाल में शुरू किए गए गुणवत्ता सुधार के प्रयासों और स्वास्थ्य विभाग की टीम की निरंतर मेहनत ने जिले को 100 से अधिक राष्ट्रीय प्रमाणीकरण वाली संस्थाओं के मुकाम तक पहुंचाया।








टिप्पणियाँ (1)
vgfghffjgn