महासमुंद। पिथौरा विकासखंड के ग्राम ढोढरकसा स्थित शासकीय हायर सेकेंडरी स्कूल में शिक्षकों की कमी का मुद्दा बुधवार को सड़क पर आ गया। शिक्षकों की पर्याप्त व्यवस्था की मांग को लेकर सैकड़ों ग्रामीणों और विद्यार्थियों ने भगतदेवरी के पास राष्ट्रीय राजमार्ग-53 पर चक्काजाम कर दिया। करीब एक घंटे 20 मिनट तक चले आंदोलन के कारण हाईवे पर यातायात प्रभावित रहा और दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं।
ग्रामीणों के मुताबिक विद्यालय में शिक्षकों के छह पद स्वीकृत हैं, लेकिन वर्तमान में महज दो शिक्षक ही पदस्थ हैं। शिक्षकों की कमी के चलते विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित होने का आरोप है। विशेषकर गणित, अंग्रेजी और आर्ट्स जैसे विषयों की पढ़ाई नियमित रूप से नहीं हो पाने की बात ग्रामीणों ने कही। करीब 33 विद्यार्थियों वाले इस विद्यालय में पर्याप्त शिक्षकीय व्यवस्था नहीं होने से अभिभावकों और ग्रामीणों में लंबे समय से नाराजगी बनी हुई थी।
11 दिन से स्कूल में तालाबंदी
शिक्षकों की व्यवस्था की मांग को लेकर ग्रामीण पिछले 11 दिनों से आंदोलन कर रहे थे। ग्रामीणों ने विद्यालय में तालाबंदी कर शिक्षा विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों से तत्काल शिक्षकों की व्यवस्था करने की मांग की थी। इसके बावजूद समाधान नहीं होने पर ग्रामीणों ने बुधवार को राष्ट्रीय राजमार्ग पर चक्काजाम कर विरोध दर्ज कराया।
शाला विकास समिति अध्यक्ष ने शिक्षक पर लगाए गंभीर आरोप
शाला विकास समिति के अध्यक्ष परमानंद प्रधान ने विद्यालय में पदस्थ एक शिक्षक की कार्यप्रणाली को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका आरोप है कि संबंधित शिक्षक हर्बल मार्केटिंग गतिविधियों में संलग्न रहने के कारण विद्यालय के अध्ययन-अध्यापन कार्य पर पर्याप्त ध्यान नहीं देते और विद्यार्थियों को नियमित एवं व्यवस्थित ढंग से नहीं पढ़ाते।
प्रधान के आरोपों के बाद ग्रामीणों ने मामले की जांच की मांग उठाई है। उनका कहना है कि विद्यालय में पदस्थ शिक्षकों की उपस्थिति, शिक्षण कार्य और विद्यार्थियों को दी जा रही शैक्षणिक व्यवस्था की जांच की जाए, ताकि बच्चों की पढ़ाई प्रभावित न हो। ग्रामीणों ने शिक्षा विभाग से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर विद्यालय की शिक्षण व्यवस्था दुरुस्त करने की मांग की है।
हालांकि, संबंधित शिक्षक पर लगाए गए इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
अधिकारियों के पहुंचने के बाद बनी वैकल्पिक व्यवस्था
चक्काजाम की सूचना मिलते ही जिला शिक्षा अधिकारी बीएल देवांगन, एसडीएम बजरंग सिंह वर्मा और एसडीओपी अजीत ओगरे मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने आंदोलनरत ग्रामीणों और विद्यार्थियों से चर्चा कर उनकी समस्याएं सुनीं। इसके बाद विद्यालय में वैकल्पिक शिक्षकीय व्यवस्था का आश्वासन दिया गया।
जिला शिक्षा अधिकारी बीएल देवांगन ने बताया कि विद्यालय में शिक्षकों की कमी को देखते हुए गणित विषय के व्याख्याता सहित दो शिक्षकों की वैकल्पिक व्यवस्था की गई है। इस व्यवस्था के बाद विद्यालय में कुल चार शिक्षक उपलब्ध हो गए हैं।
अधिकारियों की ओर से तत्काल शिक्षकीय व्यवस्था किए जाने के बाद ग्रामीणों ने चक्काजाम समाप्त कर दिया। इसके साथ ही राष्ट्रीय राजमार्ग पर यातायात सामान्य हो गया।








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