महासमुंद। आगामी दीपावली पर्व के मद्देनजर जिले में पटाखा दुकानों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर प्रशासन ने सतर्कता बढ़ा दी है। अग्निशमन एवं आपातकालीन सेवाएं तथा राज्य आपदा मोचन बल के निर्देशानुसार नगर सेना, नवा रायपुर द्वारा जिले में संचालित सभी स्थायी एवं अस्थायी पटाखा दुकानों के लिए अग्नि सुरक्षा संबंधी दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। इसके तहत दुकानदारों को निर्धारित सुरक्षा मानकों का अनिवार्य रूप से पालन करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि त्योहार के दौरान आगजनी और अन्य संभावित दुर्घटनाओं को रोका जा सके।
इसी क्रम में जिला सेनानी एवं जिला अग्निशमन अधिकारी, नगर सेना महासमुंद ने जिले के सभी पटाखा व्यापारियों, दुकानदारों और आम नागरिकों से विशेष सावधानी बरतने की अपील की है। उन्होंने कहा है कि पटाखों की बिक्री के दौरान सुरक्षा नियमों की अनदेखी गंभीर हादसों का कारण बन सकती है। इसलिए प्रत्येक दुकान में अग्निशमन उपकरणों और आवश्यक सुरक्षा संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित करना जरूरी है।
टीन शेड से बनेंगी दुकानें, तीन मीटर की दूरी अनिवार्य
जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार पटाखा दुकानें टीन शेड जैसी अज्वलनशील सामग्री से निर्मित होनी चाहिए। दुकानों के निर्माण में कपड़े, बांस, रस्सी या टेंट जैसी ज्वलनशील सामग्री का उपयोग नहीं किया जाएगा। प्रत्येक दुकान के बीच कम से कम तीन मीटर की दूरी रखना अनिवार्य होगा। साथ ही दुकानों का निर्माण आमने-सामने नहीं किया जाएगा, ताकि किसी अप्रिय स्थिति में आग फैलने की आशंका कम की जा सके।

खुली बिजली बत्ती और तेल के लैंप का उपयोग नहीं
प्रकाश व्यवस्था के लिए तेल के लैंप, गैस लैंप अथवा खुली बिजली बत्ती का इस्तेमाल नहीं किया जाएगा। विद्युत तारों में किसी भी प्रकार का खुला जोड़ नहीं होना चाहिए। प्रत्येक दुकान के मास्टर स्विच में फ्यूज या सर्किट ब्रेकर की व्यवस्था अनिवार्य की गई है। इसके अलावा पटाखा दुकानों को ट्रांसफार्मर और हाईटेंशन विद्युत लाइनों के नीचे या उनके नजदीक संचालित नहीं किया जा सकेगा।
हर दुकान में अग्निशामक यंत्र और 500 लीटर पानी रखना जरूरी
अग्नि सुरक्षा के लिहाज से प्रत्येक पटाखा दुकान में कम से कम 5 किलोग्राम क्षमता का डीसीपी अग्निशामक यंत्र रखना अनिवार्य होगा। इसके साथ ही दुकानों के सामने 500 लीटर पानी से भरा ड्रम और पर्याप्त संख्या में बाल्टियों की व्यवस्था करनी होगी, ताकि आपात स्थिति में तत्काल आग पर काबू पाने के प्रयास किए जा सकें।
50 मीटर के दायरे में आतिशबाजी प्रदर्शन प्रतिबंधित
निर्देशों के मुताबिक किसी भी पटाखा दुकान के 50 मीटर के दायरे में आतिशबाजी का प्रदर्शन नहीं किया जा सकेगा। दुकानों के सामने बाइक और कार की पार्किंग पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगी। इसके अलावा अग्निशमन वाहनों और एम्बुलेंस के सुगम आवागमन के लिए पर्याप्त खुला स्थान रखना होगा। आपातकालीन स्थिति में तत्काल सहायता मिल सके, इसके लिए अग्निशमन विभाग और एम्बुलेंस के संपर्क नंबर दुकान परिसर के प्रमुख स्थानों पर प्रदर्शित करना भी अनिवार्य किया गया है।
सुरक्षा नियमों का पालन करने की अपील
जिला अग्निशमन अधिकारी ने सभी पटाखा व्यापारियों, दुकानदारों और नागरिकों से प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का गंभीरता से पालन करने की अपील की है। उन्होंने कहा कि दीपावली खुशियों और रोशनी का त्योहार है। ऐसे में थोड़ी सी लापरवाही भी बड़े हादसे का कारण बन सकती है। इसलिए पटाखों की खरीद-बिक्री और भंडारण के दौरान निर्धारित अग्नि सुरक्षा मानकों का पालन करना सभी की जिम्मेदारी है।






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