पिथौरा। शासकीय चंद्रपाल डड़सेना महाविद्यालय में युवाओं की प्रतिभा, वैचारिक क्षमता और रचनात्मक अभिव्यक्ति को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से युवा संवाद कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम के तहत तात्कालिक प्रश्नोत्तरी और निबंध प्रतियोगिता हुई, जिसमें महाविद्यालय के विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य वक्ता भाजपा जिला प्रवक्ता स्वप्निल तिवारी, कार्यक्रम प्रभारी एवं युवा मोर्चा जिला उपाध्यक्ष विजय नायक, विधायक प्रतिनिधि सुरेंद्र पांडे, अल्पसंख्यक मोर्चा जिला महामंत्री जीवन टांडी, प्रभारी प्राचार्य शेखर कानूनगो और डॉ. एस.एस. दीवान ने मां सरस्वती के छायाचित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलित कर किया।
युवाओं के विचार और संकल्प पर निर्भर है देश का भविष्य
मुख्य वक्ता स्वप्निल तिवारी ने कहा कि युवा किसी भी राष्ट्र की सबसे बड़ी शक्ति और उसकी प्रगति का आधार होते हैं। देश का भविष्य युवाओं के विचारों, संस्कारों, ज्ञान और संकल्प पर निर्भर करता है। आज का समय केवल डिग्री प्राप्त करने का नहीं, बल्कि ज्ञान, कौशल, तर्कशक्ति और नेतृत्व क्षमता विकसित करने का है।
उन्होंने कहा कि युवा संवाद जैसे कार्यक्रम विद्यार्थियों को अपनी बात रखने, समसामयिक विषयों पर विचार करने और प्रतिभा प्रदर्शित करने का अवसर देते हैं। तात्कालिक प्रश्नोत्तरी से सामान्य ज्ञान, जागरूकता एवं निर्णय क्षमता विकसित होती है, वहीं निबंध प्रतियोगिता विचारों को प्रभावशाली ढंग से शब्दों में प्रस्तुत करने का माध्यम बनती है।
तिवारी ने विद्यार्थियों से लक्ष्य निर्धारित कर अनुशासन, परिश्रम और सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ने का आह्वान किया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत के संकल्प का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि वर्ष 2047 तक विकसित भारत के निर्माण में आज के युवाओं की महत्वपूर्ण भूमिका होगी। इसके लिए शिक्षा के साथ सामाजिक जिम्मेदारी, राष्ट्रप्रेम, लोकतांत्रिक मूल्यों और भारतीय संस्कृति के प्रति सजग रहना आवश्यक है।

भटकाने वाले तत्वों से सतर्क रहने की अपील
तिवारी ने कहा कि सामाजिक एवं सार्वजनिक गतिविधियों में भाग लेते समय युवाओं को सजग और विवेकशील रहना चाहिए। कुछ तत्व आंदोलनों के नाम पर युवाओं को गुमराह कर तोड़फोड़, हिंसा और अराजक गतिविधियों की ओर प्रेरित करने का प्रयास कर सकते हैं। युवाओं को ऐसे बहकावे से बचते हुए किसी भी विषय की वास्तविकता समझकर ही प्रतिक्रिया देनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में असहमति व्यक्त करना, सवाल पूछना और शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखना प्रत्येक नागरिक का संवैधानिक अधिकार है। इसके साथ लोकतांत्रिक मर्यादाओं और कानून का पालन भी जरूरी है। किसी भी आंदोलन या विरोध प्रदर्शन में हिंसा, तोड़फोड़ अथवा सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाना उचित नहीं है। सार्वजनिक संपत्ति देश की सामूहिक धरोहर है और उसकी रक्षा करना प्रत्येक नागरिक का दायित्व है।
उन्होंने युवाओं से आग्रह किया कि वे किसी के बहकावे में आकर अपने भविष्य और करियर को दांव पर न लगाएं। अपनी ऊर्जा का उपयोग शिक्षा, कौशल विकास, सामाजिक सेवा, रचनात्मक गतिविधियों और राष्ट्र निर्माण में करें। जागरूक युवा वही है, जो अपने अधिकारों के साथ कर्तव्यों को भी समझता है और लोकतांत्रिक व्यवस्था में सकारात्मक भूमिका निभाता है।
तिवारी ने कहा कि प्रतियोगिताओं में जीत-हार से अधिक महत्वपूर्ण भाग लेना, सीखना और स्वयं को बेहतर बनाना है। युवाओं को अपनी प्रतिभा और ऊर्जा का उपयोग राष्ट्र एवं समाज के निर्माण में करना चाहिए।
प्रतियोगिताओं के विजेता हुए सम्मानित
कार्यक्रम के अंत में प्रतियोगिताओं के परिणाम घोषित किए गए। निबंध प्रतियोगिता में प्रिंसी विशाल ने प्रथम, संस्कृति पाटकर ने द्वितीय और लुभांशु ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। तात्कालिक प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता में धर्मेंद्र प्रथम, पार्वती सिदार द्वितीय और रंजन साहू तृतीय स्थान पर रहे। सभी विजेताओं को अतिथियों ने स्मृति चिह्न एवं प्रमाणपत्र प्रदान कर सम्मानित किया। अतिथियों ने विद्यार्थियों की प्रतिभा की सराहना करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
इस अवसर पर महाविद्यालय के पी.आर. ठाकुर, वी.एस. विशाल, सुश्री टिकेश्वरी ध्रुव, जितेन्द्र पटेल सहित शिक्षकगण, युवा मोर्चा के पदाधिकारी, विद्यार्थी एवं अन्य गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।









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