धमतरी। बीसीएस शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय धमतरी के विधि विभाग में छात्र समागम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में विधि के विद्यार्थियों को करियर निर्माण, लक्ष्य निर्धारण, अनुशासन और व्यावहारिक अनुभवों के महत्व से अवगत कराया गया। मुख्य वक्ता सहायक लोक अभियोजक नीलमणि कंड्रा ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि जीवन में किसी भी लक्ष्य को हासिल करने के लिए स्पष्ट उद्देश्य निर्धारित करना जरूरी है। लक्ष्य के प्रति समर्पण और निरंतर मेहनत ही सफलता की राह आसान बनाते हैं।
महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. विनोद कुमार पाठक के मार्गदर्शन में आयोजित इस कार्यक्रम में जिला एवं सत्र न्यायालय धमतरी के सहायक लोक अभियोजक नीलमणि कंड्रा मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। प्रोफेसर दुर्गेश प्रसाद विशिष्ट अतिथि रहे, जबकि कार्यक्रम की अध्यक्षता प्राचार्य डॉ. पाठक ने की।
लक्ष्य तय करें, पढ़ाई के साथ गतिविधियों में भी लें हिस्सा
मुख्य अतिथि नीलमणि कंड्रा ने अपने संबोधन में लोक अभियोजक के पद तक पहुंचने की यात्रा और पेशेवर जीवन के अनुभव विद्यार्थियों के साथ साझा किए। उन्होंने गुरुजनों के मार्गदर्शन को जीवन में महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि विद्यार्थियों को पढ़ाई के साथ अन्य रचनात्मक और सामाजिक गतिविधियों में भी भाग लेना चाहिए।
उन्होंने एनसीसी के माध्यम से एकता और अनुशासन सीखने तथा एनएसएस के जरिए समाज के प्रति जिम्मेदारी समझने की बात कही। उनके अनुसार, शैक्षणिक ज्ञान के साथ व्यावहारिक अनुभव और अनुशासित जीवनशैली विद्यार्थियों के व्यक्तित्व को मजबूत बनाते हैं।
अपने ही महाविद्यालय के पूर्व विद्यार्थी बने प्रेरणा
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे प्राचार्य डॉ. विनोद कुमार पाठक ने कहा कि महाविद्यालय के लिए यह गौरव का विषय है कि यहां अध्ययन कर चुके विद्यार्थी आज सिविल जज, सहायक लोक अभियोजक और सहायक प्राध्यापक जैसे महत्वपूर्ण पदों पर पहुंच रहे हैं। उन्होंने कहा कि पूर्व विद्यार्थियों की उपलब्धियां वर्तमान विद्यार्थियों के लिए प्रेरणा का स्रोत हैं।
प्राचार्य ने यह भी बताया कि महाविद्यालय में एलएल.एम. की कक्षाएं शुरू कराने के लिए वे लंबे समय से प्रयासरत हैं। इन कक्षाओं के संचालन से विधि के विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा के बेहतर अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में मदद मिल सकती है।
अनुशासन को बताया सफलता की बुनियाद
विशिष्ट अतिथि एवं विधि विभागाध्यक्ष प्रो. दुर्गेश प्रसाद ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि विद्यार्थी जीवन में अनुशासन का विशेष महत्व है। नियमित अध्ययन, समय का सदुपयोग और जिम्मेदारी के साथ अपने कर्तव्यों का निर्वहन विद्यार्थियों को बेहतर भविष्य की ओर ले जाता है।
उन्होंने विधि विभाग के उन विद्यार्थियों की उपलब्धियों पर प्रसन्नता व्यक्त की, जिन्होंने अध्ययन के बाद न्यायिक सेवा, अभियोजन और शिक्षण के क्षेत्र में स्थान हासिल किया है।
बड़ी संख्या में विद्यार्थी रहे उपस्थित
कार्यक्रम का संचालन उपेंद्र कुमार भाष्कर सिंह चेलक ने किया। इस अवसर पर सहायक प्राध्यापक डॉ. सपना ताम्रकार, पंकज जैन, कोमल प्रसाद यादव, डॉ. प्रेमनाथ भारती, गायत्री लहरे, पंकज डोडवानी और गोपी कुर्रे सहित विधि विभाग के अन्य प्राध्यापक एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।
छात्र समागम का उद्देश्य विद्यार्थियों को शैक्षणिक ज्ञान के साथ करियर संबंधी मार्गदर्शन देना और उन्हें जिम्मेदार, अनुशासित तथा जागरूक नागरिक बनने के लिए प्रेरित करना रहा।








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