नावाखाई जोहार में उमड़ा राजगोंड समाज का जनसैलाब…
हाथीबाहरा में एक मंच पर दिखी राजगोंड समाज की एकजुटता, संस्कृति और सामाजिक सरोकारों का संगम।
प्रतिभावान विद्यार्थियों का सम्मान कर शिक्षा और सामाजिक एकता का दिया संदेश…
महासमुंद। खल्लारी विधानसभा क्षेत्र के हाथीबाहरा में आदिवासी राजगोंड समाज सुवरमाल राज हाथीबाहरा के तत्वावधान में आयोजित नावाखाई जोहार भेंट मिलन समारोह में राजगोंड समाज की एकजुटता और सांस्कृतिक विरासत का भव्य स्वरूप देखने को मिला। बुढादेव मंदिर प्रांगण में आयोजित समारोह में सातों सर्कल के राजगोंड समाज परिवारों सहित जनप्रतिनिधियों, अधिकारी कर्मचारियों, समाज प्रमुखों और बड़ी संख्या में समाजजनों की मौजूदगी रही।कार्यक्रम के मुख्य अतिथि जनपद पंचायत बागबाहरा के अध्यक्ष केशव नायकराम चंद्राकर रहे। अतिविशिष्ट अतिथि के रूप में जिला पंचायत महासमुंद के उपाध्यक्ष भिखामसिंह ठाकुर और जनपद पंचायत बागबाहरा के उपाध्यक्ष तरुण व्यवहार मौजूद रहे। समारोह की अध्यक्षता आदिवासी राजगोंड समाज सुवरमाल राज के अध्यक्ष तुलाराम ठाकुर ने की।
समारोह को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि केशव नायकराम चंद्राकर ने नावाखाई जोहार की शुभकामनाएं देते हुए समाज की एकता और सांस्कृतिक परंपराओं को बनाए रखने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि समाज की पहचान उसकी संस्कृति, परंपरा और आपसी भाईचारे से होती है। नई पीढ़ी को अपनी जड़ों और सांस्कृतिक विरासत से जोड़ना सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने विद्यार्थियों को शिक्षा के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित करते हुए कहा कि शिक्षा के माध्यम से युवा अपने परिवार के साथ समाज और क्षेत्र का नाम भी रोशन कर सकते हैं।
उन्होंने समाज के प्रतिभावान विद्यार्थियों के सम्मान की पहल की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे आयोजनों से बच्चों और युवाओं का मनोबल बढ़ता है तथा उन्हें आगे बढ़ने की प्रेरणा मिलती है। उन्होंने सामाजिक एकजुटता के साथ शिक्षा और विकास के क्षेत्र में मिलकर काम करने की आवश्यकता पर भी जोर दिया।
कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में मधुलिका गणेश चंद्राकर, भूमिका रामलाल सिन्हा, जनपद पंचायत बागबाहरा की सभापति, एमएल मंडावी मुख्य कार्यपालन अधिकारी बागबाहरा, खुबचंद वर्मा, रिंकू चंद्राकर पूर्व सरपंच और एडीसन ठाकुर सरपंच ग्राम पंचायत बाघामुंडा सहित अनेक जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। इसके अलावा मानबाई मंगलू ठाकुर, गौरी मुकेश ठाकुर, छत्तरसिंह सोरी, गौतम नेताम, नाथुराम महानंद, निशा सागर चंद्राकर, शांति माझी, माधो माझी और रामबाई ठाकुर सहित क्षेत्र के अनेक जनप्रतिनिधियों ने समारोह में सहभागिता की।
नावाखाई जोहार के बहाने मजबूत हुआ सामाजिक जुड़ाव
बुढादेव मंदिर प्रांगण में आयोजित समारोह में समाजजनों ने एक दूसरे को नावाखाई जोहार की शुभकामनाएं दीं। पारंपरिक रीति रिवाजों और सांस्कृतिक परंपराओं के बीच आयोजित इस कार्यक्रम ने सामाजिक एकता और आपसी भाईचारे को मजबूत करने का संदेश दिया। समाज के वरिष्ठजनों ने नई पीढ़ी को अपनी संस्कृति और परंपराओं से जोड़ने तथा समाज की गौरवशाली विरासत को आने वाली पीढ़ी तक पहुंचाने का संकल्प लिया।
शिक्षा को लेकर समाज ने दिखाई गंभीरता
समारोह का प्रमुख आकर्षण समाज के प्रतिभावान छात्र छात्राओं का सम्मान रहा। कक्षा 10वीं और 12वीं के प्रतिभावान विद्यार्थियों के साथ नवोदय, एकलव्य और प्रयास जैसी प्रतिष्ठित संस्थाओं में चयनित विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया। विद्यार्थियों के सम्मान से समारोह में उत्साह का माहौल रहा।
समाज के वरिष्ठजनों ने विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन करते हुए उन्हें शिक्षा के क्षेत्र में लगातार आगे बढ़ने और अपनी प्रतिभा से समाज तथा क्षेत्र का नाम रोशन करने के लिए प्रेरित किया।महिला प्रकोष्ठ की रही सक्रिय भागीदारीसमारोह में महिला प्रकोष्ठ की भी सक्रिय भागीदारी रही। महिला प्रकोष्ठ की अध्यक्ष दशोदा बाई सोरी, सचिव किरन नेताम और उपाध्यक्ष टंकेश्वरी मरकाम सहित बड़ी संख्या में महिला सदस्य कार्यक्रम में शामिल हुईं।
समाज के प्रमुख पदाधिकारियों में सचिव रामचरन मरकाम, सहसचिव केवल नेताम, विद्याधर सोरी, माधव मांझी, संतराम नेताम, किशोर नेटी, हिराधर मरई, प्रेमलाल नेताम, मयाराम मरई, केवल पोर्टी, खेमलाल नेटी, फग्गु नेताम, सोनू नेताम, सोनसाय नेताम, त्रिपत जगत, मधु मरकाम और ललत नेटी सहित बड़ी संख्या में समाजजन मौजूद रहे।
बुढादेव मंदिर के पुजारी रामसाय ओटी, भोजराम जगत, ब्रह्मदेव मांझी, रुद्रे नेताम और जीवन मांझी सहित मंदिर से जुड़े प्रमुखजनों की भी उपस्थिति रही।
सातों सर्कल की मौजूदगी ने बढ़ाई आयोजन की भव्यता
सातों सर्कल के राजगोंड समाज परिवारों की बड़ी संख्या में मौजूदगी से हाथीबाहरा का बुढादेव मंदिर प्रांगण सामाजिक और सांस्कृतिक गतिविधियों का प्रमुख केंद्र बना रहा।
आयोजन के अंत में आदिवासी राजगोंड समाज सुवरमाल राज हाथीबाहरा जिला महासमुंद की ओर से सभी अतिथियों, जनप्रतिनिधियों, समाज प्रमुखों, विद्यार्थियों और समाज परिवारों के प्रति आभार व्यक्त किया गया।
नवाखाई जोहार भेंट मिलन समारोह ने राजगोंड समाज की सामाजिक एकता, सांस्कृतिक विरासत, आपसी भाईचारे और शिक्षा के प्रति जागरूकता को एक मंच पर सामने रखा।









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