महासमुंद। खरीफ विपणन वर्ष 2026 के तहत धान खरीदी शुरू होने से पहले ही महासमुंद जिले में अवैध धान परिवहन और बिचौलियों की गतिविधियों पर प्रशासन ने सख्ती बढ़ा दी है। इसी क्रम में सरायपाली अनुविभाग में अवैध रूप से धान का परिवहन करते पाए गए आठ बिचौलियों के खिलाफ प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की गई है।
कलेक्टर विनय कुमार लंगेह के निर्देश पर जिले में धान के अवैध परिवहन, खरीदी-बिक्री और बिचौलियों की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए विशेष निगरानी अभियान चलाया जा रहा है। इसका उद्देश्य सरकारी धान खरीदी व्यवस्था को पारदर्शी बनाए रखना और वास्तविक किसानों को शासन की व्यवस्था का लाभ सुनिश्चित करना है।

सरायपाली में बनाई गईं 8 जांच चौकियां
सरायपाली के अनुविभागीय अधिकारी तेजपाल सिंह ध्रुव के अनुसार, अवैध धान परिवहन पर नियंत्रण के लिए अनुविभाग में आठ जांच चौकियां स्थापित की गई हैं। इन चौकियों के माध्यम से धान के परिवहन की निगरानी की जा रही है। संदिग्ध वाहनों की जांच के साथ अवैध गतिविधियों में संलिप्त पाए जाने वालों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है।
30 अक्टूबर को आठ लोगों पर कार्रवाई
प्रशासन से मिली जानकारी के मुताबिक, 30 अक्टूबर 2026 को अवैध रूप से धान का परिवहन करते पाए गए आठ बिचौलियों के विरुद्ध भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 126, 135 और 170 के तहत प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की गई।
धान खरीदी का सीजन शुरू होने से पहले हुई इस कार्रवाई से स्पष्ट है कि प्रशासन अवैध परिवहन और बिचौलियों की गतिविधियों पर नियंत्रण रखने के लिए सक्रिय है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि धान खरीदी प्रक्रिया में गड़बड़ी, नियमों के उल्लंघन और अवैध गतिविधियों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
निगरानी अभियान रहेगा जारी
प्रशासन का कहना है कि धान खरीदी प्रक्रिया को निष्पक्ष, पारदर्शी और सुव्यवस्थित बनाए रखने के लिए निगरानी लगातार जारी रहेगी। जांच के दौरान नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।







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