महासमुंद। जिले के कोमाखान क्षेत्र में तेंदुए की दहशत लगातार जारी है। ग्राम पंडरीपानी (नर्रा) में देर रात तेंदुए ने घर में घुसकर पालतू पशुओं पर हमला कर दिया। इस घटना में एक बकरा और एक बकरी की मौत हो गई। लगातार पालतू पशुओं को निशाना बनाए जाने से ग्रामीणों में चिंता का माहौल है।
जानकारी के अनुसार, ग्राम पंडरीपानी निवासी कुशोनो पांडे के घर में देर रात तेंदुआ घुस आया। यहां उसने एक बकरे व एक गर्भवती बकरी तथा बत्तख पर हमला कर दिया, जिससे दोनों पशुओं की मौत हो गई। घटना के बाद से ग्रामीण अपने पालतू पशुओं की सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं।
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पहले भी पकड़ा जा चुका है तेंदुआ
ग्रामीणों के अनुसार, इससे पहले भी क्षेत्र में तेंदुए की मौजूदगी सामने आई थी, जिसके बाद वन विभाग ने एक तेंदुए को पकड़ा था। अब दोबारा पालतू पशुओं पर हमले की घटना सामने आने से ग्रामीणों की चिंता बढ़ गई है। गांव और आसपास के इलाके में तेंदुए की गतिविधियों को लेकर भय बना हुआ है।
पालतू पशुओं पर हमले से ग्रामीण चिंतित
अर्णब चक्रवात के बीच तेंदुए के हमले की इस घटना ने ग्रामीणों की चिंता और बढ़ा दी है। लोगों को आशंका है कि तेंदुआ आसपास के इलाके में सक्रिय है और पालतू पशुओं को अपना शिकार बना रहा है। ग्रामीण क्षेत्र में वन्यजीव की गतिविधियों पर नजर रखने और सुरक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाए जाने की अपेक्षा कर रहे हैं।
ग्राम पंडरीपानी में हुई इस घटना के बाद ग्रामीणों की निगाहें वन विभाग की कार्रवाई पर टिकी हैं, ताकि क्षेत्र में तेंदुए की गतिविधियों का पता लगाया जा सके और लोगों को राहत मिल सके।
ग्रामीणों का कहना है कि इस इलाके में तेंदुओं की गतिविधियां लंबे समय से बनी हुई हैं, जिससे लोग डर के साये में जीने को मजबूर हैं:
3 अक्टूबर: लक्ष्मीनारायण यादव के घर के पास तेंदुए की मौजूदगी दर्ज की गई थी।
4 अक्टूबर: पड़ोसी गांव झिटकी में तेंदुए ने एक साथ छह लोगों पर गंभीर हमला कर दिया था, हालांकि, उस तेंदुए का रेस्क्यू किया गया था, लेकिन बाद में उसकी मौत हो गई थी।
20 अक्टूबर की दरम्यानी रात: बेहराभांठा, बनियातोरा और परकोम सहित आसपास के कई गांवों में तेंदुए को घूमते हुए देखा गया था।






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