महासमुंद, 25 अक्टूबर 2026। खैर लकड़ी की अवैध तस्करी, फर्जी अनापत्ति प्रमाणपत्र (एनओसी) और बिलिंग के जरिए संचालित अंतरराज्यीय कारोबार के खिलाफ महासमुंद पुलिस ने कार्रवाई तेज कर दी है। ओडिशा और हिमाचल प्रदेश में छापेमारी के दौरान पुलिस ने 95 लाख रुपये की अतिरिक्त नकदी जब्त की है। वहीं, खैर लकड़ी के अवैध कारोबार की प्रतिस्पर्धा में जानलेवा हमले के मामले में फरार मुख्य आरोपी संजय छापरिया को उत्तराखंड के हरिद्वार से गिरफ्तार किया गया है।
ओडिशा और हिमाचल प्रदेश में 95 लाख रुपये जब्त
पुलिस के अनुसार, आरोपी संजय छापरिया से पूछताछ के आधार पर ओडिशा के बरगढ़ स्थित उसके आवास से 45 लाख रुपये नकद बरामद किए गए। इसके अलावा, उसके सहयोगी और टैक्स कंसल्टेंट के घर से 15 लाख रुपये जब्त किए गए। हिमाचल प्रदेश में गिरोह को अवैध खैर लकड़ी खपाने में मदद करने वाले एक अन्य ठिकाने पर कार्रवाई कर 35 लाख रुपये बरामद किए गए। इस तरह ताजा कार्रवाई में कुल 95 लाख रुपये जब्त किए गए हैं।
अब तक 3.61 करोड़ रुपये से अधिक नकदी जब्त
महासमुंद पुलिस के मुताबिक, इस प्रकरण में आरोपी मनीष अग्रवाल, संजय छापरिया और उनके सहयोगियों के विभिन्न ठिकानों से अब तक कुल 3 करोड़ 61 लाख 52 हजार 880 रुपये नकद जब्त किए जा चुके हैं। इससे पहले हिमाचल प्रदेश में कार्रवाई के दौरान 1 करोड़ 70 लाख रुपये बरामद किए गए थे। पुलिस अपराध से अर्जित संपत्ति की कुर्की और आरोपियों को अवैध कारोबार से हुए आर्थिक लाभ से वंचित करने की वैधानिक प्रक्रिया भी आगे बढ़ा रही है।
पांच राज्यों में कार्रवाई, 70 टन खैर लकड़ी जब्त
पुलिस की कार्रवाई छत्तीसगढ़ के अलावा ओडिशा, मध्य प्रदेश, हरियाणा और हिमाचल प्रदेश तक पहुंची है। इन राज्यों में गिरोह से जुड़े ठिकानों पर दबिश देकर अब तक 70 टन अवैध खैर लकड़ी जब्त की गई है। इसके साथ ही पांच भारी मालवाहक वाहनों, तीन कारों और एक पिकअप सहित कुल नौ वाहन जब्त किए गए हैं। इन वाहनों की अनुमानित कीमत करीब एक करोड़ रुपये बताई गई है।
जानलेवा हमले के मामले में भी आरोपी गिरफ्तार
खैर लकड़ी के अवैध कारोबार की प्रतिस्पर्धा से जुड़े एक अन्य मामले में सरायपाली निवासी व्यक्ति पर जानलेवा हमला किया गया था। इस संबंध में सिंघोड़ा थाने में अपराध दर्ज किया गया था। पुलिस के अनुसार, इस मामले में फरार संजय छापरिया को 18 अक्टूबर 2026 को हरिद्वार से गिरफ्तार किया गया। वैधानिक प्रक्रिया के तहत ट्रांजिट रिमांड प्राप्त कर उसे महासमुंद लाया गया।
खैर लकड़ी के अवैध परिवहन के लिए इस्तेमाल किए गए एनटीपीएस अनापत्ति प्रमाणपत्र में कथित कूटरचना और धोखाधड़ी के मामले में पिथौरा थाने में 9 जुलाई 2026 को अपराध दर्ज किया गया था। प्रकरण में भारतीय न्याय संहिता, आर्म्स एक्ट और भारतीय वन अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत जांच की जा रही है।
महासमुंद पुलिस के अनुसार, संगठित गिरोह के आर्थिक नेटवर्क, अवैध परिवहन और कारोबार से अर्जित संपत्तियों की जांच जारी है। जब्त नकदी की कुर्की सहित अन्य वैधानिक कार्रवाई भी की जा रही है।







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