ईंट-भट्ठों में काम दिलाने के नाम पर गरीब मजदूरों को अग्रिम राशि देकर दूसरे राज्यों में भेजने और फिर उनके कथित शोषण, मारपीट व धमकी देने के मामले में पांच आरोपित गिरफ्तार किए गए हैं। इनमें छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले के बसना निवासी अनूप अग्रवाल (47) और तेंदुकोना निवासी संतोष अग्रवाल (42) शामिल हैं। गिरफ्तार आरोपितों में ओडिशा के नुआपड़ा जिले का एक पंचायत समिति सदस्य भी है।
ओडिशा पुलिस ने महासमुंद में दबिश देकर की गिरफ्तारी
ओडिशा पुलिस ने बेलटुकुरी थाने में दर्ज शिकायत के आधार पर महासमुंद जिले के अलग-अलग इलाकों में छापेमारी कर आरोपितों को गिरफ्तार किया। पुलिस के मुताबिक, मामला ईंट-भट्ठों में मजदूरी के नाम पर श्रमिकों को दूसरे राज्यों में भेजने और उनके कथित शोषण से जुड़ा है। मेडिकल जांच के बाद शनिवार को सभी आरोपितों को न्यायालय में पेश किया गया।
अग्रिम राशि देकर मजदूरी के लिए भेजने का आरोप
शिकायत के अनुसार, वर्ष 2021 से कुछ श्रमिक सरदार गरीब और जरूरतमंद परिवारों को अग्रिम राशि देकर उत्तर प्रदेश के ईंट-भट्ठों में काम करने के लिए भेज रहे थे। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि उसके माता-पिता को वहां अमानवीय परिस्थितियों में रखा गया, उनकी आवाजाही पर पाबंदी लगाई गई और उनका शोषण किया गया।
मारपीट और रुपये लौटाने के लिए धमकाने का आरोप
शिकायतकर्ता के मुताबिक, सितंबर 2024 में उसके पिता और बड़े भाई को कथित तौर पर जबरन बाराकोठी गांव ले जाया गया, जहां उनके साथ मारपीट की गई और रुपये लौटाने के लिए दबाव बनाया गया। परिवार के ईंट-भट्ठे में काम करने से इनकार करने पर गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दिए जाने का भी आरोप है।
तीन आरोपित नुआपड़ा और दो महासमुंद के निवासी
गिरफ्तार आरोपितों में बसना निवासी अनूप अग्रवाल (47), तेंदुकोना निवासी संतोष अग्रवाल (42), बेलटुकुरी निवासी पंचायत समिति सदस्य नीलकमल चंद्राकर उर्फ गोलू (38), मुलचंद सबर (35) और पंड्रापाणी निवासी सनोज लोहार शामिल हैं।
पहले भी सामने आया था श्रमिक तस्करी का मामला
पिछले महीने छत्तीसगढ़ पुलिस श्रमिक तस्करी से जुड़े एक मामले में नुआपड़ा से लता सबर और मुकेश चंद्राकर को हिरासत में लेकर गई थी। अब इस मामले में ओडिशा पुलिस ने महासमुंद में कार्रवाई कर पांच आरोपितों को गिरफ्तार किया है।
ईंट-भट्ठों में रोजगार दिलाने के नाम पर मजदूरों को दूसरे राज्यों में भेजने और उनके कथित शोषण के आरोपों ने श्रमिकों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। आरोपितों के खिलाफ आगे की कार्रवाई न्यायालयीन प्रक्रिया के तहत होगी।









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