प्रश्नोत्तर के जरिए विद्यार्थियों की कानूनी समझ और तार्किक क्षमता को परखने का अवसर
धमतरी, 13 अक्टूबर 2026... कानून की असली ताकत केवल उसके प्रावधानों में नहीं, बल्कि इस बात में है कि वह समाज के सबसे कमजोर और वंचित व्यक्ति को न्याय दिलाने में कितनी प्रभावी भूमिका निभाता है। आर्थिक अभाव के कारण कोई व्यक्ति न्याय से वंचित न रहे और अधिवक्ता अपने पेशेगत अधिकारों के साथ सामाजिक जिम्मेदारियों का भी निर्वहन करें, इसी महत्वपूर्ण विचार को केंद्र में रखकर मंगलवार को शासकीय बाबू छोटेलाल श्रीवास्तव स्नातकोत्तर महाविद्यालय, धमतरी के विधि विभाग में प्रोफेशनल एथिक्स के अंतर्गत सेमिनार आयोजित किया गया। सेमिनार का विषय अधिवक्ताओं के विशेषाधिकार एवं लोकहितवाद द्वारा गरीबों तक न्याय की पहुंच रहा।
कार्यक्रम में विधि विद्यार्थियों ने विषय के विभिन्न पहलुओं पर अपने विचार रखे। चर्चा में अधिवक्ताओं के विशेषाधिकार, व्यावसायिक नैतिकता, लोकहितवाद की उपयोगिता और आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों तक न्याय पहुंचाने में कानून की भूमिका जैसे महत्वपूर्ण मुद्दे शामिल रहे।
प्राचार्य डॉ विनोद पाठक के मुख्य आतिथ्य एवं विभागाध्यक्ष अध्यक्षता में हुआ सेमिनार... विषय विशेषज्ञ के रूप में उपस्थित थी डॉ सपना ताम्रकार
विधि विभाग में आयोजित सेमिनार के मुख्यअतिथि की आसंदी पर महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ विनोद पाठक विराजमान रहे अध्यक्षता विभागाध्यक्ष प्रो. दुर्गेश प्रसाद ने की। वही विषय विशेषज्ञ की आसंदी पर डॉ. सपना ताम्रकार, कोमल यादव और पंकज जैन उपस्थित रहे। कार्यक्रम की शुरुआत अध्यक्षीय उद्बोधन से हुई। इसके बाद विधि विभाग के विद्यार्थियों ने निर्धारित विषयों पर अपनी प्रस्तुतियां दीं और संबंधित कानूनी अवधारणाओं पर विचार साझा किए।
विद्यार्थियों और प्राध्यापकों के बीच हुआ संवाद...
सेमिनार का एक महत्वपूर्ण पक्ष विद्यार्थियों और प्राध्यापकों के बीच हुआ संवाद रहा। विभागाध्यक्ष प्रो. दुर्गेश प्रसाद, डॉ सपना ताम्रकार सहित उपस्थित प्राध्यापकों ने विषय प्रस्तुत करने वाले विद्यार्थियों से विभिन्न प्रश्न पूछे। विद्यार्थियों ने भी प्रश्नों के उत्तर देते हुए अपने तर्क प्रस्तुत किए। इस प्रश्नोत्तर प्रक्रिया से उन्हें विषय की गहराई समझने, अपनी बात तार्किक ढंग से रखने और कानूनी अवधारणाओं का विश्लेषण करने का अवसर मिला।
एलएलबी तृतीय सेमेस्टर के पाठ्यक्रम की आंशिक पूर्ति के लिए आयोजन...
महाविद्यालय के विधि विभाग में आयोजित इस सेमिनार का उद्देश्य एलएलबी तृतीय सेमेस्टर के प्रोफेशनल एथिक्स विषय के पाठ्यक्रम की आंशिक पूर्ति करना था। कार्यक्रम में विद्यार्थियों की शत-प्रतिशत उपस्थिति रही। विद्यार्थियों की प्रस्तुतियों, प्राध्यापकों के प्रश्नों और उनके उत्तरों के माध्यम से विषय की अकादमिक समझ को मजबूत करने का प्रयास किया गया।
विषय विशेषज्ञों की उपस्थिति और विद्यार्थियों की सक्रिय भागीदारी ने विधि शिक्षा में व्यावसायिक नैतिकता, तार्किक क्षमता और सामाजिक सरोकारों के महत्व को रेखांकित किया। ऐसे शैक्षणिक आयोजन विद्यार्थियों को पाठ्यक्रम की अवधारणाओं को समझने के साथ-साथ भविष्य में विधि व्यवसाय से जुड़ी जिम्मेदारियों के प्रति जागरूक बनाने में सहायक होते हैं।
धमतरी के शासकीय बाबू छोटेलाल श्रीवास्तव स्नातकोत्तर महाविद्यालय के विधि विभाग में आयोजित यह सेमिनार विद्यार्थियों को अधिवक्ताओं के पेशेगत अधिकारों, नैतिक दायित्वों और लोकहितवाद की सामाजिक उपयोगिता पर गंभीरता से विचार करने का अवसर प्रदान करने वाला शैक्षणिक आयोजन रहा। कानून की पढ़ाई के साथ न्याय के प्रति संवेदनशीलता और समाज के कमजोर वर्गों के अधिकारों की रक्षा का दृष्टिकोण विकसित करना ही विधि शिक्षा की व्यापक सार्थकता है।








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