25 वर्षों से मानवता की मिसाल पेश कर रही स्वर्गधाम सेवा समिति
धमतरी। अपनों के लिए तो सभी जीते हैं, लेकिन अनजान लोगों के लिए सेवा और समर्पण का भाव रखना ही सच्ची मानवता है। इसी भावना को आत्मसात करते हुए धमतरी की स्वर्गधाम सेवा समिति पिछले 25 वर्षों से एक ऐसा पुनीत कार्य कर रही है, जो समाज के लिए प्रेरणास्रोत बन गया है। समिति द्वारा महानदी के पावन तट पर 715 अज्ञात मृत आत्माओं की सद्गति एवं मोक्ष की कामना से विधि-विधान के साथ सामूहिक पिंडदान किया गया। पंडितों के मंत्रोच्चार के बीच समिति के सदस्यों ने श्रद्धा और आस्था के साथ यह धार्मिक अनुष्ठान संपन्न किया।
छोटी-सी टीम से शुरू हुआ सेवा का सफर
स्वर्गधाम सेवा समिति की स्थापना लगभग 25 वर्ष पूर्व की गई थी। शुरुआत में अशोक पवार, एवंत गोलछा सदस्यों की छोटी-सी टीम ने इस पुनीत कार्य का बीड़ा उठाया। उस समय संसाधनों की कमी और अनेक कठिनाइयों के बावजूद समिति के सदस्यों ने अपना संकल्प नहीं छोड़ा। धीरे-धीरे लोगों का सहयोग, आशीर्वाद और विश्वास मिलता गया, जिससे यह सेवा अभियान निरंतर आगे बढ़ता रहा।
आज वर्ष 2026 में समिति द्वारा 715 अज्ञात मृत आत्माओं के लिए पिंडदान किया जाना इस बात का प्रमाण है कि निस्वार्थ सेवा और मानवीय संवेदनाओं से जुड़ा कार्य समाज में कितनी गहरी छाप छोड़ सकता है।
शुरुआत में आईं कठिनाइयां, ईश्वर की कृपा से बढ़ता गया हौसला
समिति के महासचिव अशोक पवार ने बताया कि जब इस कार्य की शुरुआत की गई थी, तब अनेक कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। अज्ञात मृतकों के अंतिम संस्कार से जुड़ी जिम्मेदारियों के साथ उनके लिए धार्मिक विधि-विधान से पिंडदान की व्यवस्था करना आसान नहीं था। लेकिन परमपिता परमेश्वर की कृपा, समाज के लोगों के आशीर्वाद और सदस्यों के सहयोग से या पुनीत कार्य लगातार जारी है।








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